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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: योग जोड़ने का काम करता है- पीएम मोदी

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आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर मनाया जा रहा है. देहरादून के एफआरआई कैंपस में पीएम मोदी ने करीब 50,000 लोगों के साथ आज योग किया. उनके साथ वहां कई मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ गणमान्य लोग भी मौजूद थे. इसके अलावा देशभर में कई जगह केंद्रीय मंत्रियों, राज्य के मुख्यमंत्रियों, खिलाड़ी, जवान समेत अन्य हस्तियों ने योग के कार्यक्रमों में शिरकत की. योगगुरु रामदेव ने राजस्थान के कोटा में करीब 2 लाख से अधिक लोगों के साथ योग कर गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.

योग करने से पहले प्रधानमंत्री ने यहां पर लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तोड़ने वाली ताकतें हावी होती हैं तो बिखराव आता है, समाज में दीवारें खड़ी होती हैं परिवार में कलह बढ़ता है और जीवन में तनाव बढ़ता चला जाता है. इस बिखराव के बीच योग जोड़ने का काम करता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा मंच पर चार लोग मौजूद हैं, जिनमें राज्यपाल डॉक्टर के.के पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, केंद्रीय आयुष मंत्री और उत्तराखंड के आयुष मंत्री हरक सिंह रावत शामिल हैं.

दुनियाभर में पीएम मोदी के आह्वान पर मनाया जाता है योग दिवस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा भारत के लिए एक महान क्षण था क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के मात्र तीन माह के भीतर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया. महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का दुनिया के लगभग सभी देशों ने समर्थन किया और दुनिया के 170 से ज्यादा देशों के लोग 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते हैं और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लेते हैं. पूरे विश्व में इस दिन योग के फायदों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये योग प्रशिक्षण शिविर, योग प्रतियोगिता और सामूहिक योगाभ्यास किया जाता है. 21 जून के दिन को विश्व योग दिवस के लिए चुनने की भी एक खास वजह है.

दरअसल यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं। भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है। चूंकि यह दिन दुनियाभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मनाया जाता है इसलिए वह खुद इस आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी निभाते हैं और उन्हीं की अगुवाई में इस दिन के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.

 

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