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लखनऊ : कार न रोकने पर पुलिस ने एप्पल के मैनेजर को मारी गोली, 2 सिपाही गिरफ्तार

लखनऊ : कार न रोकने पर पुलिस ने एप्पल के मैनेजर को मारी गोली, 2 सिपाही गिरफ्तार

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यूपी पुलिस पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। लखनऊ पुलिस पर आरोप लगा है कि उसके एक सिपाही ने शनिवार तड़के कार सवार एक युवक को गोली मार दी। गोली लगते ही उसका संतुलन बिगड़ा और गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले। दूसरे पुलिसकर्मियों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि आईफोन बनाने वाली कंपनी ‘एप्पल’ के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी रात को अपनी सहकर्मी सना के साथ लौट रहे थे, उसी समय गोमतीनगर विस्तार के पास दो पुलिसवालों ने उन्हें गाड़ी रोकने का इशारा किया। लेकिन विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी।

जिसके बाद विवेक की गाड़ी पर फायरिंग की गई जो सीधे उनके सिर में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। सना की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर फायरिंग करने वाले कांस्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

सहकर्मी सना ने बताया क्या हुआ था

घटना के वक्त विवेक के साथ गाड़ी में मौजूद सहकर्मी सना खान ने कहा,’ मैं अपने सहयोगी के साथ घर जा रही थी। उनका नाम विवेक तिवारी है। गोमती नगर विस्तार के पास हमारी गाड़ी खड़ी थी। तब तक दो पुलिस वाले सामने से आए। हमने उनसे बचकर निकलने की कोशिश की।

इसके बाद अचानक गोली चली। हमने वहां से गाड़ी आगे बढ़ाई। आगे हमारी गाड़ी अंडरपास में दीवार से टकरा गई और विवेक के सिर से काफी खून बहने लगा। मैंने सबसे मदद लेने की कोशिश की। थोड़ी देर में पुलिस आई, जिसने हमें अस्पताल पहुंचाया। बाद में सूचना मिली कि विवेक की मौत हो चुकी है।’

पुलिस वालों ने मेरे पति की हत्या की है

मृतक विवेक की पत्नी कल्पना ने बताया कि मेरी कल रात 1:30 बजे विवेक से आखिरी बार बात हुई थी। उन्होंने बताया कि वो सना को घर पर ड्रॉप करके घर आ रहे हैं। जब वो घर नहीं आए तो रात 2 बजे से मैं लगातार दोनों को कॉल कर रही थी, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

फिर 3 बजे किसी ने फोन उठाया, उसने बोला की सर और मैम का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिर में भाग कर अस्पताल पहुंची जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत हो चुकी है। मैं फिर पुलिस वालों के साथ घटनास्थल पर गई जहां मैने देखी की गाड़ी के शीशे में गोली के निशान थे।

ये हादसा नहीं ये मर्डर है। पुलिस वालों ने मेरे पति की हत्या की है। कल्पना ने कहा है कि गोली मारकर हत्या करने के बाद लखनऊ पुलिस पति को चरित्रहीन साबित करने में लगी रही। कल्पना ने सवाल उठाया कि गाड़ी न रोकने पर गोली चलाने का अधिकार पुलिस को किसने दिया। उन्होंने अब योगी सरकार ने न्याय की मांग की है।

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